SC की फटकार के बाद महाकाल में ‘SC के निर्देशानुसार’ बोर्ड हटे

उज्जैन| सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में शिवलिंग क्षरण के लिए उठाए जा रहे कदमों को ‘सुप्रीम कोर्ट का आदेश’ बताए जाने पर नाराजगी जताई है| कोर्ट के नाराजगी जताने के कुछ ही देर के बाद महाकाल परिसर में लगे सभी 10 बोर्ड को हटा लिया गया| शिवलिंग क्षरण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने अपनी तरफ से कोई आदेश नहीं दिया है| सिर्फ मंदिर कमेटी के सुझाव को मंजूरी दी है| धार्मिक गतिविधियों में रोक-टोक हमारा मकसद नहीं है| कोर्ट ने कहा, मंदिर कमेटी तुरंत वो बोर्ड हटाए जिसमें लिखा है कि सारी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हो रही है| यदि ऐसा नहीं होता है तो कोर्ट अवमानना की कार्रवाई शुरू करेगा| दरअसल, महाकाल मंदिर समिति ने सुप्रीम कोर्ट में क्षरण को रोकने के लिए 7 अलग-अलग सुझाव दिए थे| मंदिर समिति की तरफ से बताया गया था कि ऐसा करने शिवलिंग का क्षरण रोका जा सकता है|  सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंदिर समिति के सुझाव को मंजूरी दे दी थी| इसके बाद मंदिर में नए प्रावधानों के तहत पूजन और अभिषेक हो रहा है| साथ ही मंदिर परिसर में सूचना बोर्ड भी लगाए गए, जिसमें नए प्रावधानों का जिक्र करते हुए ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार’ लिखा गया है| सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए इसी बात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमारी तरह से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है| सिर्फ मंदिर कमेटी के सुझावों को मंजूरी दी गई थी| कोर्ट ने मीडिया की रिपोर्टिंग को भी गैर-ज़िम्मेदाराना बताते हुए कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई| मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी| वहीं, कोर्ट की फटकार के तुरंत बाद उज्जैन में मंदिर प्रबंधन ने सभी सूचना बोर्ड को हटा लिया| मंदिर में ऐसे 10 सूचना बोर्ड लगे हुए थे|

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