भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रथम नगर आगमन

नई दिल्ली, एजेंसी। मोदी सरकार की महत्वपूर्ण ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ को ब़़डी कामयाबी मिली है। इसके खातेदारों की संख्या 11 अप्रैल 2018 को ब़़ढकर 31.45 करोड़ हो गई वहीं जमा राशि भी ब़़ढकर 80 हजार करोड़ के पार पहुंच गई। अधिकृत आंक़़डों में यह जानकारी दी गई है।’जनधन’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी योजना के तहत देश की आबादी के ब़़डे हिस्से के पहली बार बैंक खाते खोले गए हैं। अगस्त 2014 में शुरू की गई यह योजना विश्व में अनूठी है। जनधन से मिलती हैं ये सुविधाएं -बैंकिंग, सेविंग, डिपॉजिट, लेन-देन, कर्ज, बीमा व पेंशन। मार्च 2017 से सतत वृद्धि विश्व बैंक ने की सराहना वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंक़़डों के अनुसार जनधन योजना की जमा राशि में मार्च 2017 के बाद से लगातार वृद्धि हो रही है।2016 में नोटबंदी के वक्त यह योजना काफी चर्चा में आई थी, क्योंकि इसमें जमा राशि एकाएक काफी ब़़ढ गई थी। हाल ही विश्व बैंक द्वारा जारी ‘ग्लोबल फिडेंक्स रिपोर्ट 2017’ की नवीनतम रिपोर्ट में जनधन योजना की कामयाबी का उदाहरण दिया गया है। 55 फीसदी नए खाते भारत में वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने भारत के वित्तीय समावेश के प्रयासों पर विश्व बैंक की मुहर लग गई है।विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में जितने नए बैंक खाते खोले गए हैं, उनमें से 55 फीसदी भारत में हैं। नोटबंदी के बाद राशि 45 हजार करोड़ से 74 हजार करोड़ हुई नवंबर 2016 में नोटबंदी के पूर्व जनधन खातों में जमा राशि 45,300 करोड़ रुपए थी जो नोटबंदी के बाद ब़़ढकर 74 हजार करोड़ रुपए हो गई थी। नोटबंदी के तहत सरकार ने 500 व 1000 रुपए के करेंसी नोटों को बंद कर दिया था। हालांकि बाद में इन खातों में राशि घटी लेकिन मार्च 2017 के बाद इसमें सतत वृद्धि हुई।

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