जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए चक्कर लगा रहे परिजन

देवास। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में ऊपरी मंजिल स्थित  जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में सिर्फ दो स्वास्थ्य कर्मचारी ही मिलते है। जिसमें एक ऑपरेटर और एक पीयुन है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस ओर ध्यान न देने के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समय से नहीं मिल रहे। हस्ताक्षर में देरी होने से उन्हें कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिससे मरीजों का समय तो बर्बाद होता ही है, उनके कई काम भी रुक जाते हैं।
जिला सत्संग प्रमुख विजयसिंह ठाकुर ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अब हर किसी की जरूरत बन गया है। बच्चे का स्कूल में प्रवेश हो, पेंशन हो, वसीयत हो या किसी को पासपोर्ट के लिए आवेदन करना हो, सभी में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। मंगलवार को जिला चिकित्सालय में मक्सी निवासी अकबर खां को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो रात ट्रामा सेंटर में ही बीतानी पड़ी तब जाकर तीसरे प्रमाण पत्र मिला। वहीं रूबिना बी की माँ नौशाद बी तीन दिन से चक्कर लगा रही है फिर भी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र नही मिल रहा है। वहां के कर्मचारियों द्वारा टालमटोल करके काम में देरी की जाती है। जिस काम के लिए दो ऑपरेट और दो पीयुन होना चाहिए, वहां सिर्फ एक ऑपरेटर और एक पीयुन ही काम करते है, वहीं ऑपरेटर भी अपनी आखों से विकलांग है। श्री ठाकुर ने सिविल सर्जन डॉ. एसके सक्सेना से फोन पर इसकी शिकायत की तो श्री सक्सेना ने कहा कि मेरे पास अभी ट्रामा सेंटर में आने का समय नही है। श्री ठाकुर ने कलेक्टर श्रीकांत पाण्डे से मांग की है कि समय-समय पर जिला चिकित्सालय के विभागों का निरीक्षण कर कर्मचारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा की जा रही लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करे, जिससे आम जनता और मरीजों को इधर-उधर न भटकना पड़ेे।

Leave a Comment