अंग्रेजी माध्यम के शासकीय स्कूलों में प्रशिक्षित अंग्रेजी शिक्षकों का नितांत अभाव

उज्जैन। म.प्र. शासन द्वारा वर्ष २०१४-१५ में १ली से ८वीं तक अंग्रेजी माध्यम से स्कूल खोले गए। विडम्बना यह है कि इन स्कूलों में आज भी हिन्दी में ही पढ़ाई की जा रही है। एक भी शिक्षक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने वाला इन स्कूलों में नहीं है। उज्जैन शहर में इन स्कूलों में आज भी हिन्दी माध्यम के शिक्षक हिन्दी में ही पढ़ा रहे हैं। माता-पिता व पालकों द्वारा इन विद्यालयों में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में निपुण बनाने के लिए भर्ती करवाया जाता है, परन्तु इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। प्रदेश में भोपाल में इंग्लिश लैंग्वेज टीचिंग इंस्टीट्यूट संस्थान द्वारा माध्यमिक एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में पढ़ाने वाले अंग्रेजी शिक्षकों को विधिवत प्रशिक्षण देने के लिए समर कोर्सेस संचालित किए जाते हैं तथा उस संस्था से प्रशिक्षित अंग्रेजी के स्रोत शिक्षकों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना आज के समय की सबसे बड़ी पुकार है। अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों को भी अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति दी जा सकती है और अंग्रेजी माध्यम के बच्चों को भविष्य उज्जवल किया जा सकता है। शासन और शिक्षा विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। नगर में भोपाल संस्थान द्वारा प्रशिक्षित अनेक स्रोत शिक्षक आज भी मौजूद हैं, जिन्हें अतिथि शिक्षक के रूप में बुलाया जाकर विद्यार्थियों के साथ न्याया किया जा सकता है। विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की माँग सामाजिक कार्यकर्ता ओसाफ कुरैशी ने की है।

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